खिलाड़ी, कप्तान और टीम की कुंडली

मैच कुंडली के अलावा क्रिकेट ज्योतिष में खिलाड़ियों की जन्म कुंडली भी देखी जाती है। इससे यह समझने का प्रयास होता है कि किसी खिलाड़ी के जीवन में यह समय उसके खेल के लिए कैसा है।

खिलाड़ी की कुंडली में क्या देखा जाता है?

दशा और अंतर्दशा: खिलाड़ी की वर्तमान विंशोत्तरी दशा किन भावों को सक्रिय कर रही है, यह सबसे महत्वपूर्ण है। दसवाँ भाव (प्रदर्शन, करियर), ग्यारहवाँ (सफलता, पुरस्कार) और छठा (प्रतियोगिता में जीत) भाव शुभ माने जाते हैं।

मंगल: साहस, ऊर्जा और आक्रामकता का कारक, जो बल्लेबाज़ और तेज़ गेंदबाज़ दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य: नेतृत्व और आत्मविश्वास का कारक, विशेष रूप से कप्तान के लिए।

गोचर: शनि और बृहस्पति जैसे धीमे ग्रहों का गोचर खिलाड़ी के लंबे दौर (फॉर्म या चुनौती) को समझने में मदद करता है।

सबसे बड़ी चुनौती: सही जन्म समय

KP पद्धति में कुछ मिनटों का अंतर भी कस्प के सब-लॉर्ड को बदल सकता है। अधिकतर खिलाड़ियों का सटीक जन्म समय सार्वजनिक नहीं होता। इसलिए खिलाड़ी की कुंडली पर आधारित विश्लेषण को हमेशा सावधानी से देखना चाहिए, और जहाँ जन्म समय निश्चित न हो, वहाँ मैच कुंडली को ही मुख्य आधार बनाना चाहिए।

कप्तान और टीम

कप्तान: कई ज्योतिषी मानते हैं कि कप्तान की दशा पूरी टीम के मनोबल को प्रभावित करती है। इसलिए बड़े टूर्नामेंट में कप्तान की कुंडली पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

टीम की स्थापना कुंडली: किसी फ्रेंचाइज़ी या क्लब की स्थापना की तारीख से बनी कुंडली को भी कुछ ज्योतिषी देखते हैं, हालाँकि इसका सही समय मिलना और भी कठिन होता है।

घरेलू मैदान: मैच कुंडली मैदान के स्थान पर बनती है, इसलिए घरेलू और बाहरी मैदान पर एक ही टीम की कुंडली अलग-अलग दिख सकती है।

खिलाड़ियों की कुंडली और मैच कुंडली को एक साथ पढ़ना सीखने के लिए नीचे दिए बटन से ज्योतिषी से संपर्क करें।